State Of Siege Movie Review In Hindi | Star Cast | Release Date

STATE OF SIEGE MOVIE REVIEW IN HINDI | STAR CAST | RELEASE DATE

स्वागत है आप सभी का आपके हमारे वेबसाइट “OKBUDDIES.COM” में। तो कैसे हैं आप लोग, आशा करते हैं कि आप सभी अच्छे होंगे। तो चलिए शुरू करते हैं आज के इस आर्टिकल State Of Siege Movie Review In Hindi में।

आज के इस आर्टिकल में हम आपको State Of Siege Movie का Review वो भी हिंदी में देंगे detail के साथ। इसमें आप जानेंगे State Of Siege Movie Release Date, Star Cast, Director, Producer, etc. यह फिल्म एक action, thriller फिल्म है जिसे आपको जरूर देखना चाहिए।

Movie Name State Of Siege
Release Date 09 July 2021
Genre Action Thriller
Director Ken Ghosh
Producer Abhimanyu Singh
Writer William Borthwick
Star Cast Akshaye Khanna, Manjari Fadnnis, Kallirroi Tziafeta, Parvin Dabas
Imdb Rating click here

 

State Of Siege Movie Release Date 

जैसा कि आप सभी जानते ही होंगे कि State Of Siege Movie 9 July 2021 को ही Release हो चुकी है। यह फिल्म एक Action Thriller फिल्म है जिसे आपको जरूर देखना चाहिए। अगर आप इस फिल्म को देखना चाहते हैं तो Zee5 को अपने मोबाइल, लैपटॉप में open करें और आराम से popcorn का मजा उठाते हुए इस फिल्म को देखिये।

State Of Siege Full Movie Review In Hindi 

Movie शुरू होने के बाद हमें कश्मीर का सीन दिखाया जाता है। जहां पर NSG Commando को दिखाया जाता है जो एक मिशन पर होते हैं वहां एक लड़की को आतंकवादियों ने किडनैप कर लिया होता है उसे बचाना ही उनका मिशन होता है।

यहां पर हमें main character मेजर हनूत सिंह से इंटरव्यूज कराया जाता है। Base Camp में उनकी बात चल रही होती है और लड़की का नाम code word में कबूतर रखा जाता है। हनूत कहता है उन्हें हमारे आने का पता चल गया है। वह कभी भी यहां से जा सकते हैं team का captain बोलता है कि तुम उनका इंतजार करो और कोई एक्शन मत लेना।

हनूत को target clear दिख रहे थे और उसे पता था अगर कोई भी try की तो target हाथ से निकल जाएंगे। तो वहां leader की बात अनसुनी कर के आगे बढ़ने लगता है। और साथ वाले लोग भी धीरे-धीरे उसके पीछे चलने लगते हैं। और वहां जाकर दो लोगों को धर दबोचाते हैं। और लड़की को बचाकर वहां से जाने लगते हैं तभी वहां पर और लोग आ जाते हैं। और आतंकवादियों के दो main leader भी होते हैं  उनका नाम नाइक  और अब्दुल हमसा। वह सोचता है कि यह सही मौका है उन दोनों को पकड़ने का वह अपनी टीम से बोलता है कि इन दोनों को जिंदा पकड़ना है ।

शायरी start हो जाती है और नाइक नाम का terrorist पकड़ा जाता है और थोड़ी देर बाद main leader अब्दुल हमसा के कंट्रोल में ले लेता है।  तभी एक टैक्फेस्ट उस पर और उसके दोस्तों पर गोली चला देता है। और उसके दोस्त की मौके पर ही मौत हो जाती है और हनूत घायल हो जाता है इसी बीच आतंकवादी और अब्दुल हनसा वहां  से भाग निकलते हैं।

After 9 Months

अब हमें 9 महीने बात का सीन दिखाया जाता है । हनूत अभी तक उस हादसे को भुला नहीं पाया होता है क्योंकि उसने अपने सबसे चाहिता दोस्त को उस मिशन में खो दिया था। अब हमें हनूत को camp में दिखाया जाता है जहां पर gun shooting कर रहा होता है। तभी उसके पीछे खड़ा उसका जूनियर हनूत को उल्टा सीधा कहता है। तब भी हनूत का दोस्त अमन आकर उसे डांटता है। जूनियर को लगता है कि मिशन पर जो कुछ हुआ था उसका जिम्मेदार हनूत है। 

वही हम देखते हैं कि आतंकवादियों की भी shooting practice चल रही होती है। आतंकवादी का captain 4 लड़कों को भारत पर हमला करने के लिए तैयार कर रहा होता है। उनका प्लेन था कि गुजरात के एक मंदिर में attack करेंगे जिससे पूरा इंडिया दहल उठेगा।

उधर मेजर हनूत और मेजर समर office में बुलाते हैं और उन्हें बताते हैं कि इंटर से information मिली है कि गुजरात में बहुत बड़ा कुछ होने वाला है। वहा गुजरात के CM की meeting होने जा रही है। शायद वहां कोई attack हो इसीलिए हम एक team बना रहे हैं।  जिसकी निगरानी तुम दोनों करोगे। हनूत main head officer से कहता है कि समर पापा बनने वाला है इसीलिए उसे अपनी wife के यहां जाने की ज्यादा जरूरत है। Officer इस बात को समझता हुए बोलता है की हनूत तुम मेरे साथ चलोगे और समर को मना कर देता है।

They Enter In Their Target

हम देखते हैं की वह चार आतंकवादी सुरंग के जरिए भारत में entry कर लेते हैं। और अपने mission के लिए आगे बढ़े ने लगते हैं। वहीं पर हनूत गुजरात के लिए रवाना हो जाता। अब  वह चार आतंकवादी अपना getup change करके indian citizen के रूप में आ गए थे। ट्रेन से गुजरात जाने का सफर तय कर रहे थे। स्टेशन पर पहुंचते ही उनके captain का फोन आता है वह कहता है भारत में सफेद कार मिल जाएगी जो तुम्हें तुम्हारे target point तक छोड़ देगी। और अब हनूत की टीम वहां पहुंच जाती है जहाँ CM की meeting होने वाली थी।

अब हमें गांधीनगर के कृष्णा धाम मंदिर को दिखाया जाता है। वह मंदिर काफी ज्यादा famous था लोग दूर-दूर से घूमने और दर्शन करने आते थे। हम देखते हैं कि वहां एक स्वामी जी होते हैं जो मंदिर के पुजारी भी होते हैं। वहां एक झाड़ू वाला होता है और एक लड़की होती है जो security मैं सब की चेकिंग कर रही होती है।

Moment

मंदिर के बाहर दुकाने थे जिनमें से एक दुकान चिंटू की थी। चिंटू फोन में लगा रहता है। कुछ काम करने के लिए बोलते हैं। चिंटू को एक Foreigner लड़की दिखती है, उसके पास गायक बन कर जाता है।  उसे मंदिर घुमाने की बात करता है लेकिन उसके साथ उसकी गुजराती friend भी होती है। वह उसे कम पैसों में मंदिर को घुमाने की बात करता है  फिर वह तीनों मंदिर के अंदर चले जाते हैं।

फिर हमें एक family दिखाई जाती है, जिसमें 3 लोग होते हैं बेटी और मम्मी पापा। उसी दिन मम्मी का बर्थडे था, तो तो वह लोग मंदिर में भगवान के दर्शन को आये हुए थे। वह मंदिर में चक्कर उन्हें याद आता है कि camera तो car में ही रह गया तो wife अपने husband से बोलती हो की car में से camera ले आओ।

 They Enters and Attack

तभी वहां वह चार आतंकवादी आ जाते हैं। गाड़ी से उतरकर मंदिर में घुसकर gun निकालकर हमला कर देते हैं। उनके सामने जो कोई आ रहा होता है वह उन्हें गोलियों से भून डालते हैं। जो मंदिर के ऊपर चिड़िया बैठी होती है वह भी गोलियों की आवाज से भाग जाती है।  स्वामी और बाकी लोग एक कमरे में छुप जाते हैं। जो familyआई थी पापा और बच्ची एक कोने में जाकर छुप जाते। चिंटू Foreigner लड़की और उसकी friend को घुमाने के लिए मंदिर के museum में ले गया था।

तभी friend को feel होता है कि बाहर कुछ गड़बड़ है। सब लोग बाहर जाकर देखते हैं तो सब लोग मारे गए थे। तभी एक आतंकवादी उन्हें देख लेता है और उन पर गोली चला देता है। इसमें से एक गोली लड़की को लग जाती है। अब आतंकवादी main का gate बंद करके उसमें bomb fit कर देते हैं। जिससे कोई भी मंदिर में आए तो bomb फट जाए और security वाले लड़की भी कहीं छुप गई थी।

मंदिर के auditorium में कुछ बच्चे घूमने के लिए आए हुए थे। तभी वहां एक आदमी बताता है कि यहां आतंकवादी घुस आए हैं। तो वह कहता है सब लोग छुप जाओ वहां पर कुछ family के मम्मी पापा भी होते हैं। जो उनसे मिलने आए हुए होते हैं उन आतंकवादियों में एक आतंकवादी पेरू फारुख बहुत बेरहम था। किसी को मारने से पहले 1 मिनट भी नहीं सोच रहा था सब को बेरहमी से मार रहा था।

They Arrest Whole People

कुछ देर बाद उनके main leader का फोन आता है और वह कहता है। अब इस mission को 2nd stage पर ले जाए। उनका second mission वहां पर बच्चे लोगों को बंदी बनाने का होता है। वह ढूंढ ढूंढ कर सभी लोगों को बंदी बना लेते हैं और उन्हें museum में दो आतंकवादियों के साथ रखा जाता है। जहां पर चिंटू और वह दो लड़कियां भी होती हैं। और दो आतंकवादी सारे बच्चों और अंकल आंटी को auditorium में बंदी बना लेते हैं। 

अभी इस attack की information, CM office में पहुंच जाती है।  तो हनूत की team, CM को rescue कर लेती है। अब हमें समर को दिखाते हैं क्योंकि उसकी बीवी की डिलीवरी होने वाली थी।  तो उसे call करके वापस mission पर बुला लिया जाता है। 

Time To End Second Plan

वहां पर एक आतंकवादी कहता है कि सभी लोगों को बंदी बना लिया है। अब plan का दूसरा हिस्सा पूरा करने का समय आ गया है। उनका प्लान था कि वह हर आधे घंटे में एक आदमी को मारेंगे और जब तक मारेंगे तब तक कॉन्वेंट उनके साथी नायकों को नहीं छोड़ देती। नायको वही है जिसको हनूत ने starting में पकड़ा था। आतंकवादियों का सीधा plan था की India में दहशत फैलाना है और अपने साथी नायकों को निकालना है। 

तभी शाहरुख एक आदमी को छत पर ले जाता है और छत के किनारे पर खड़ा कर देता है।  ताकि हर आदमी उसे मरते हुए देखें और भारत में दहशत का माहौल बने।  जिससे वह अपनी मांगे पूरी करवा सकें। वह लड़का उसके सामने रो रहा होता है और अपनी जान की भीख मांग रहा होता है लेकिन शाहरुख उसे गोली मार के मार देता है।  वह लड़का छत से नीचे गिरता है और उसकी मौत हो जाती है।

Terrorist Demand

अब वहां पर CM के पास PM का फोन आता है।  उन्हें पता चलता है कि आतंकवादियों की मांग आतंकवादी नायखू  को छोड़ दिया जाए।  तभी सारे आदमियों को छोड़ दिया जाएगा।  हनूत खड़ा होता है और कहता है की आतंकवादी नायखू को छोड़ने के बाद भी वह लोगों को मार ही डालेंगे।  तभी वह बताता है नायखू को उसने ही पकड़ा था। 

Terrorist Kill Some Peoples

अब आधे घंटे बीतने के बाद फारुख, अंकल को मारने के लिए ले जाने लगता है।  तभी Walkie Talkie पर उन्हें पता चलता है कि कान्वेंट उनकी बात मानने के लिए राजी हो गई है।  फारुख, अंकल को छोड़ देता है और अंकल, फारुख से शुक्रिया बोलते हैं।  फारुख को सुनकर अच्छा नहीं लगता क्योंकि वह किसी पर भी दया नहीं करता। 

यह सुनकर अंकल को गोली मार देता है।  यह सब देख कर वहां पर सभी लोग डर जाते हैं और आंटी आकर उनके पास रोने लगती हैं।  और उसे जानवर करके बुलाने लगती हैं तो फारुख उन्हें भी मार देता है। उसे जानवर भी नहीं कर सकते क्योंकि जानवर भी उससे अच्छे होते हैं। 

Force Come Into Place

तभी वहां हनूत पर उसकी force आ जाती है उससे पहले कोई और भी force वहां आ चुकी होती है।  जो मंदिर का दरवाजा तोड़ने की कोशिश कर रही होती है।  तब तक हनूत उनको रोक पाता, तब तक दरवाजे पर लगा बम फट जाता है और काफी लोग मारे जाते हैं। अब चिंटू के पापा, चिंटू को फोन लगाते हैं और कहते हैं कि डरो मत क्योंकि काले कपड़े पहन के कुछ लोग तुम्हें बचाने के लिए आ गए हैं। लेकिन फोन चिंटू ने नहीं उनमें से खड़े एक आतंकवादी ने उठाया था। और वह कहता है कि अगर तुम अपने बेटे को जिंदा चाहते हो तो सारी information तुम हमें देते रहोगे। हम तुम्हारे बेटे चिंटू को मार देंगे।

Anoop Is Slowly Entering The Temple

हनूत धीरे धीरे मंदिर के अंदर घुस रहा होता है, बचे हुए लोगों को बचाने के लिए। तभी security वाली लड़की और वह बच्ची को बाहर निकाल ते देखता है और उनसे कहता है कि छुप जाओ। तभी फारुख उन अफसरों पर गोली चला देता है। थोड़ी देर बाद हनूत एक बम फेंक देता है जिससे फारुख वहां से निकलता है और ऑफिसर उसे गोली मार के वहीं पर मार देता है।

अब हनूत और ऑफिसर खान ऑडिटोरियम में आ जाते हैं दूसरे आतंकवादी को मारने के लिए। खान उसे डिस्ट्रिक्ट करने लगता है कि जैसे फारुख को मारा वैसे ही तुम्हें मार देंगे। आतंकवादी बहुत घबरा जाता है तभी वहां एक लड़की को उठाकर गन पॉइंट पर निकलने के बाद करता है। तभी पीछे से हनूत आकर उसे मार देता है। अब सिर्फ वहां पर दो आतंकवादी बचे हुए थे। 

Preparation of  Terrorist To Reach Pakistan

 अब हम देख रहे होते हैं कि आतंकवादी नायकों को बॉर्डर पर पाकिस्तान छोड़ने की तैयारी हो रही होती है। यही खबर अब्दुल हनसा आतंकवादियों को देता है कि जब तक नायकों को बॉर्डर पार नहीं करवा देते तब तक तुम्हें वही रहना है। अब आतंकवादी उस लड़की को बाहर ले जा रहे होते हैं। जिसको गोली लगी होती है, उससे कहता है कि बाहर डॉक्टर आ गए हैं। लेकिन बाहर ले जा कर खुद ही उसकी पट्टी कर देता है और बम फिट कर देता है।

तभी वह लड़की लंगड़ाते हुए बाहर की ओर आती है और हनूत को लगता है कि कुछ ना कुछ गड़बड़ है। लेकिन ऑफिसर खान उसकी ओर दौड़ पड़ता है। तभी बम फट जाता है और लड़की के चीथड़े उड़ जाते हैं और ऑफिसर खान पूरी तरीके से जल जाता है। इसी बीच गोलीबारी शुरू हो जाती है और हनूत को गोली लग जाती है।

अब उससे मिलने समर आता है और बोलता है, तुम्हें टीम से निकाल दिया गया है। तब हनूत, ऑफिसर को call लगाता है और ऑफिसर बोलता है कि तुम्हें team से निकाल दिया गया है क्योंकि तुमने फिर से हमारे order follow नहीं किए। तुम्हारी वजह से काफी लोगों की जान गई इसीलिए तुम्हें team से निकाल दिया गया है। अब पूरा charge समर संभाल रहा है वह रात में मंदिर में घुसने का try कर रहा है। उनका plan था की  मंदिर की दीवारों को चढ़कर मंदिर की छत पर जाकर हमला करेंगे। 

Samar Enter In Temple

चिंटू के पिताजी आतंकवादियों को फोन कर कर बता देते हैं कि कुछ लोग दीवाल चढ़कर मंदिर की छत पर आ रहे हैं।  चिंटू के पिताजी, चिंटू को बचाने के चक्कर में देश से ही गद्दारी करने लगते हैं।  तभी समर और उसकी टीम जैसे plan किया था वैसे करने लगते हैं।  तभी आतंकवादी firing शायरी शुरू कर देता है जिसमें उनका एक सोल्जर शहीद हो जाता है।  समर ऊपर चढ़ने में कामयाब हो गया था वह आतंकवादी पर फायर करने के लिए तैयार हो जाता लेकिन तब तक आतंकवादी उस पर बम फेंक देता है इससे समर नीचे गिर जाता है।

Anoop Gets To Know Who is Khabri?

हनूत सारे बातें सुन रहा होता है तभी उसे शक होता है कि आतंकवादियों को बाहर की सारी information कोई तो दे रहा है। तब बाहर जाकर वह देखता है की कहां से खबरी ने सब कुछ बताया होगा। तभी उसे पता चल जाता की खबरी कौन है?

दो आतंकवादी बच्चे हुए थे जिसमें से एक को चोट लगी थी तो दूसरा उसके पट्टी कर रहा था। तभी वहां वह आदमी आ जाता है जो हमें स्टार्टिंग में झाड़ू लगाते हुए दिखा था। उसको पकड़ लेते हैं और उसका नाम पूछते हैं। अपना नाम मोसिंह बताता है तो आतंकवादी बोलता है कि तुम हम में से ही एक हो, मोसिंह कहता है कि मैं मुसलमान हूं पर तुम में से एक नहीं, सब कुछ same है बस आप लोग इंसानियत की नजर से थोड़ी चीजें अलग है लेकिन है तो इंसान ही आतंकवादी कहता है। मुझे अलग चीजें पसंद नहीं तू यहां रहकर इन काफिरों का हो गया है। इतना कहकर उसके गले में चाकू मारकर उसे मार देता है।  इससे आप अंदाजा लगा सकते हो कि एक आतंकवादी की सोच क्या होती है।

Officer Gives Permission to Anoop to Go Inside

चिंटू वहां से भागने की कोशिश करता है वह धीरे-धीरे अपने रस्सियां खोलने लगता है और वहीं पर पापा को भी पकड़ लिया होता है। वह रो रहा होता है गिड़गिड़ा रहा होता है कि वह लोग मेरे चिंटू को मार देंगे। तभी वहां पर हेड ऑफिसर और सीएम आ जाते है। अब हनूत बोलता है की आतंकवादी और समर के पास पहुंचने का एक ही chance है। अब तो मुझे जाने दीजिए ऑफिसर के पास कोई और option नहीं होता इसीलिए वह उसे permission दे देते हैं। 

इसी दौरान हम देखते हैं की समर मरा नहीं था बल्कि उसका चेहरा काफी जल गया था और वह जिंदा था।  तभी घर से उसका call आता है और उसकी wife बोलती है कि तुम बाप बन गए हो और हमें एक बेटी हुई है। यह बात सुनकर समर बहुत खुश हो जाता है और वह बेहोश हो जाता है।

Everyone Starts Running

अब हनूत , चिंटू के पापा से आतंकवादियों को फोन लग जाता है और उन्हें झूठी खबर देता है की सारी forces पीछे हट रही है और उन पर अब कोई हमला नहीं होगा।  तभी सारे ऑफिसर मंदिर में घुसने के लिए तैयार चिंटू ने अपनी सारी रस्सियां खोल ली होती हैं और वह सारी दम लगा कर वहां से भाग जाता है। तभी पीछे से आतंकवादी उस पर गोलियां बरसा रहे होते हैं।  चिंटू, पापा चिंटू को देख लेते हैं और उसेके बचाने के लिए उसकी ओर दौड़ पड़ते हैं। लेकिन आतंकवादी उन दोनों के ही ऊपर गोली चला देता है और उन दोनों को ही मार डालते हैं।

इस बात से हनूत को बहुत गुस्सा आता है कि वह उन दोनों को बचा नहीं पाया। अब हनूत और ऑफिसर रोहित अंदर घुसते हैं ऊपर से एक आतंकवादी उन पर गोलियां बरसा रहा होता है। तो रोहित ऊपर जाकर उसे संभालता है तभी हनूत , म्यूजियम में पहुंच जाता है लेकिन वह अपने gun load कर रहा होता है तभी आतंकवादी उसके सामने आ जाता है। लेकिन उसकी गोलियां भी खत्म हो चुकी थी। तो वह दोनोंhand to hand fight करना शुरू कर देते हैं।

तब तक अब्दुल हनसा का फोन दूसरे आतंकवादी को आता है और उससे बोलता है की जांच करने का समय आ गया है। अब फोन लगाकर सबको उड़ाने के लिए तैयारी करने लगता है। आतंकवादी हनूत पर भारी पड़ रहा होता है लेकिन वह कैसे भी करके एक कांच का टुकड़ा उठाकर उसकी आंख में मारकर उसे मार डालता है।

Stop Terrorist from Planting Bombs

उधर army force नायखू को बॉर्डर पर ला चुकी थी। बॉर्डर पर छोड़ने के लिए इधर आतंकवादी बम लगा रहा था लोगों को मारने के लिए नायखू बॉर्डर पार करते समय आर्मी ऑफिसर से बोल रहा होता है कि मैं वापस आऊंगा और तुम्हारे देश को उड़ा दूंगा। और तब तुम पर  दुनिया क्या कहेगी। यह सुनने के बाद ऑफिसर को गुस्सा आ रहा था लेकिन आर्डर फॉलो करने के सिवा कुछ नहीं कर पा रहा था।

अब जो आतंकवादी बचा होता है वह बम लगा रहा होता है। तभी  समर आ जाता है, समर मरा नहीं होता वह आतंकवादी को रोक रहा होता है। लेकिन समर काफी कमजोर हो चुका होता है वह उसे नहीं रोक पाता‌। 

Terrorist’s Plan Failed

अब आतंकवादी हाथ में लेकर बम फोड़ने वाला ही होता है तभी कहां पर मेजर हनूत आकर उसे गोली मार देता है।  और उस आतंकवादी का plan नाकामयाब हो जाता है। जब यह सारी खबर army को पता चलती है तो वह नायकों को रोकने के लिए बोलते हैं। लेकिन वह नहीं रुक रहा होता आर्मी ऑफिसर को मौका मिल ही जाता है तो वो नायकों को गोली मार देता है।  आतंकवादी को मार कर जो खुशी आर्मी ऑफिसर को आती है वह खुशी हम सब को भी मिलती है।  अब हम देखते हैं कि सारे लोगों को मंदिर से रेस्क्यू कर लिए जाते हैं और हनूत , समर को बाहर लेकर आ जाता है।  

इसके बाद हमें एक सीन दिखाया जाता है जिसमें सब कुछ खत्म होने के बाद पंछी दोबारा मंदिर की छत पर बैठने के लिए आ जाते हैं। फिर हमें एक कॉलोनी का सीन दिखाया जाता है जिसमें एक बच्चा खिलौने वाले गन से खेल रहा होता है।  वही पर एक आदमी मौजूद होता है जिसका चेहरा नहीं दिखाया जाता‌। हम देखते हैं हनूत और उसकी टीम वहां पर आई होती है। बच्चा अनुप को देख लेता है हनूत उसे उंगली दिखा कर शांत रहने को कहता है और मूवी यहीं पर खत्म हो जाती है। 

State Of Siege Movie Conclusion

इसके ending seen की बात करें तो यही था कि भले ही एक खतरा टल चूका था लेकिन आतंकवादी अभी भी खत्म नहीं हुए थे। जिस आदमी की झलक दिखाई गयी थी हो सकता है कि वह आतंकवादी ही था। या फिर वो रहा होगा जो उन चार आतंकवादी को भारत तक लाने में मदद की होगी।

हनूत को सिर्फ एक mission करने के बाद छुट्टी नहीं मिलने वाली। उसे अपने देश को बचाने के लिए ऐसे और missions करने थे। तो इस movie के end में हमे उसी का टुकड़ा दिखाया गया है कि मेजर हनूत ऐसे ही आगे भी देश को बचाते रहेंगे।

इस movie में, हमने काफी seens को mention नहीं किया है क्यूंकि कुछ seens को movie में ही देखने में अच्छा लगता है। कुछ emotions ऐसे होते हैं जिसको movie में ही देख कर आप समझ सकते हैं।

यह movie काफी अच्छी है जिसको आपको देखना चाहिए क्यूंकि काफी समय बाद ऐसी movie आयी है। वैसे हम आप सभी को बता दें कि यह attack की कहानी सच्ची है। 2002 में गुजरात के गांधीनगर में स्थित अक्षरधाम मंदिर में दो आतंकवादियों ने घुसकर तीन लोगो को मार डाला था। और इसमें कई लोग घायल भी हुए थे। लेकिन हमारी forces ने उन आतंकवादियों को अगले दिन ही मार गिराया था।

तो आज के इस article के अंत में, हम आपसे यही कहना चाहेंगे कि आपको यह फिल्म एक बार जरूर देखना चाहिए। इस movie को आप Zee5 app या फिर Zee5 website पर देख सकते हैं।

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